Mesha संक्रांति / साजी (वैशाख सौर मास का आरंभ)
🗓️ Sun enters Mesha Rashi (Start of Baisakh (Vaisakha) Solar Month)
The story behind Mesha संक्रांति / साजी (वैशाख सौर मास का आरंभ)
Mesha संक्रांति सूर्य देव के Mesha राशि में प्रवेश का पावन पर्व है, जिससे विधिवत वैशाख हिंदू सौर मास का आरंभ होता है। पारंपरिक व पहाड़ी पंचांग में नए सौर मास के प्रथम दिन को 'साजी' के रूप में मनाया जाता है। आज चैत्र मास का समापन होकर नया मास शुरू होता है। यह दिन पवित्र स्नान, सूर्य अर्घ्य और ऋतु दान के लिए अत्यंत शुभ फलदायी है।
Mesha संक्रांति / साजी (वैशाख सौर मास का आरंभ) Puja Vidhi
- 1
प्रातः स्नान
सूर्योदय से पूर्व तीर्थ जल या शुद्ध जल से स्नान करें।
- 2
सूर्य अर्घ्य
तांबे के पात्र से पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
- 3
ऋतु दान
जरूरतमंदों व ब्राह्मणों को मौसमी फल, अन्न व वस्त्र का दान करें।
Mesha संक्रांति / साजी (वैशाख सौर मास का आरंभ) Mantra
ॐ घृणि सूर्याय नमः॥
Meaning
प्रकाश और जीवन के स्रोत, तेजोमय भगवान सूर्य देव को बारंबार प्रणाम।
How to chant
प्रातःकाल उगते हुए सूर्य के सम्मुख 11 या 108 बार जप करें।
