तिथि एवं चंद्र कला ज्ञान

वैदिक ज्योतिष में 30 अद्वितीय चंद्र दिवस (तिथियां) होती हैं, जो शुक्ल पक्ष (बढ़ता चांद) और कृष्ण पक्ष (घटता चांद) में विभाजित हैं। प्रत्येक तिथि का एक विशिष्ट शासक देवता और उपयुक्त कार्य होते हैं।

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आजकृष्ण पक्ष (घटता चांद)

Krishna Dwadashi (Illumination angle: 319.2°)

देवता: भगवान विष्णुभद्रा (कल्याणकारी)

विश्राम, ध्यान, स्वाध्याय और मानसिक शांति के लिए उत्तम दिन।

⏳ Ends: 14:43
Lunar Phase Progressदिन 27 of 30
🌑 अमावस्या (नया चांद)🌕 पूर्णिमा (पूरा चांद)🌑 अमावस्या (नया चांद)
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वैदिक चंद्र चक्र गाइड

वैदिक परंपरा में, चंद्रमा (चन्द्र) मन और भावनाओं को नियंत्रित करता है। जैसे-जैसे चंद्रमा अपनी कलाएं बदलता है, पृथ्वी की मानसिक ऊर्जा बदलती है। सही चंद्र ज्वार के साथ कार्यों को संरेखित करके, हम प्राकृतिक नियमों के साथ अपने कार्यों का सामंजस्य बिठाते हैं।

☀️ शुक्ल पक्ष (बढ़ता चांद)

बढ़ते चांद का चरण विकास, निर्माण और नए काम शुरू करने का प्रतिनिधित्व करता है।

🌒

दिन 1: प्रतिपदा

देवता: अग्नि
नंदा (आनंदप्रद)

धार्मिक अनुष्ठानों, वास्तु पूजा और नए व्रतों के शुभारंभ के लिए उत्तम।

🌒

दिन 2: द्वितीया

देवता: ब्रह्मा
भद्रा (कल्याणकारी)

नींव रखने, विवाह की तैयारियों और वित्तीय पहलों के लिए शुभ।

🌒

दिन 3: तृतीया

देवता: गौरी / कुबेर
जया (विजयप्रद)

कला, संगीत, सौंदर्य अनुष्ठानों और धन वृद्धि के लिए अत्यंत लाभदायक।

🌓

दिन 4: चतुर्थी

देवता: गणेश
रिक्ता (रिक्ता/शक्तिशाली)

भगवान गणेश को समर्पित। विघ्न निवारण, रणनीति बनाने और बाधाओं पर विजय के लिए उत्तम।

🌓

दिन 5: पंचमी

देवता: सरस्वती
पूर्णा (पूर्णताप्रद)

शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक दीक्षा के लिए श्रेष्ठ।

🌔

दिन 6: षष्ठी

देवता: कार्तिकेय
नंदा (आनंदप्रद)

साहस, नेतृत्वकर्ताओं से भेंट, खेल और नई परियोजनाओं की शुरुआत के लिए अनुकूल।

🌔

दिन 7: सप्तमी

देवता: सूर्य
भद्रा (कल्याणकारी)

भगवान सूर्य का आशीर्वाद। स्वास्थ्य, यात्रा, वाहन क्रय और नेतृत्व के लिए उत्तम।

🌔

दिन 8: अष्टमी

देवता: मां दुर्गा
जया (विजयप्रद)

मां दुर्गा को समर्पित। आध्यात्मिक साधना, व्रत और शक्ति संचय के लिए उत्तम।

🌔

दिन 9: नवमी

देवता: दुर्गा / श्री राम
रिक्ता (शक्तिशाली)

मां दुर्गा एवं श्री राम की कृपा। प्रतियोगी प्रयासों और रणनीति के लिए उपयुक्त।

🌔

दिन 10: दशमी

देवता: धर्मराज
पूर्णा (पूर्णताप्रद)

पुण्य कर्मों, करियर वृद्धि और धर्मपरायण कार्यों के लिए शुभ।

🌔

दिन 11: एकादशी

देवता: भगवान विष्णु
नंदा (आनंदप्रद)

भगवान विष्णु का परम पवित्र व्रत दिवस। मन, शरीर और कर्मों का शोधन करता है।

🌔

दिन 12: द्वादशी

देवता: भगवान विष्णु
भद्रा (कल्याणकारी)

दान, पवित्र स्नान, समाज सेवा और धार्मिक संकल्पों की पूर्ति के लिए अनुकूल।

🌔

दिन 13: त्रयोदशी

देवता: शिव / कामदेव
जया (विजयप्रद)

प्रदोष काल। मित्रता, संबंधों और भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ।

🌔

दिन 14: चतुर्दशी

देवता: भगवान शिव
रिक्ता (शक्तिशाली)

पूर्णिमा पूर्व गहन साधना काल। मंत्र जाप, ध्यान और आत्म-नियंत्रण के लिए उत्तम।

🌕

दिन 15: पूर्णिमा

देवता: चंद्र देव / सत्यनारायण
पूर्णा (पूर्ण शिखर)

पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र प्रकाश)। ध्यान, सत्यनारायण कथा और समृद्धि हेतु सर्वोच्च ऊर्जा।