महानवमी
🗓️ Ashwin Shukla Navami (Sep–Oct)
The story behind महानवमी
शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि नौ रातों की देवी आराधना का समापन है, जो विजयादशमी से पूर्व देवी के पूर्ण, विजयी स्वरूप का उत्सव मनाती है। इस दिन परंपरागत रूप से आयुध पूजा — औजारों, वाहनों व कार्य-साधनों की पूजा — तथा समापन कन्या पूजन व हवन किया जाता है। कई क्षेत्रों में इसे महिषासुर वध के दिन के रूप में भी मनाया जाता है।
महानवमी Puja Vidhi
- 1
हवन
घी, तिल व हवन सामग्री अर्पित कर दुर्गा सप्तशती या नवार्ण मंत्र के जाप के साथ नवरात्रि हवन करें।
- 2
आयुध पूजा
अपने औजारों, पुस्तकों, वाहनों व जीविका के साधनों को स्वच्छ कर पूजें।
- 3
कन्या पूजन
अष्टमी से आरंभ कन्या पूजन को नौ कन्याओं को भोजन व उपहार देकर पूर्ण करें।
- 4
पूर्णाहुति एवं आरती
हवन में अंतिम आहुति देकर देवी की समापन आरती करें।
महानवमी Mantra
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Meaning
जो देवी समस्त प्राणियों में शक्ति रूप में विराजमान हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार — देवी महात्म्य से।
How to chant
हवन के समय व अंतिम आरती करते समय जप करें।
