ईकिरो / मसान्त — आषाढ़ सौर मास का अंतिम दिन (श्रावण साजी की पूर्व संध्या)
🗓️ End of Ashadha Solar Month (Eve of Shravan Sankranti)
The story behind ईकिरो / मसान्त — आषाढ़ सौर मास का अंतिम दिन (श्रावण साजी की पूर्व संध्या)
ईकिरो (अखिरो या मसान्त) हिंदू सौर मास आषाढ़ का अंतिम दिन (मासांत) होता है, जो ठीक Karka संक्रांति (श्रावण साजी) की पूर्व संध्या पर आता है। आज आषाढ़ मास समाप्त हो रहा है और कल सूर्योदय से श्रावण मास प्रारंभ होगा। यह दिन आध्यात्मिक आत्मनिरीक्षण, पितरों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन और नए सौर मास के स्वागत की तैयारी का अत्यंत पवित्र समय है।
ईकिरो / मसान्त — आषाढ़ सौर मास का अंतिम दिन (श्रावण साजी की पूर्व संध्या) Puja Vidhi
- 1
संध्या दीपदान
सायंकाल घर के मंदिर या तुलसी के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- 2
पितृ स्मरण
बीते महीने में प्राप्त कृपा के लिए पितरों व कुलदेवता का स्मरण कर आभार व्यक्त करें।
- 3
सात्विक आहार
शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण करें और अगले दिन की साजी पूजा की तैयारी करें।
ईकिरो / मसान्त — आषाढ़ सौर मास का अंतिम दिन (श्रावण साजी की पूर्व संध्या) Mantra
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
Meaning
दसों दिशाओं, पृथ्वी और अंतरिक्ष में शांति व सद्भाव का संचार हो।
How to chant
सायंकाल शांति और ध्यान के साथ 11 या 21 बार जप करें।
