गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा
🗓️ आषाढ़ पूर्णिमा (जुलाई)
The story behind गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा महर्षि वेद व्यास जी के पावन अवतरण तथा उनके द्वारा वेदों व पुराणों के संकलन के कृतज्ञता स्वरूप मनाई जाती है। गुरु वह अलौकिक ज्योति हैं जो शिष्य के जीवन से अज्ञान का अंधकार मिटाकर परब्रह्म का दर्शन कराते हैं।
गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा Puja Vidhi
- 1
गुरु परंपरा स्मरण
महर्षि व्यास, आदि गुरु शंकराचार्य तथा अपने गुरुदेव का श्रद्धापूर्वक स्मरण और वंदन करें।
- 2
पादुका व चित्र पूजन
गुरुदेव के चित्र या पादुका का चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, और दीप से पूजन करें।
- 3
स्वाध्याय (शास्त्र अध्ययन)
श्रीमद्भगवद्गीता या गुरु गीता के अध्यायों का पठन-पाठन करें।
- 4
गुरु सेवा व दान
गुरु के सम्मान में विद्या दान, आश्रम सेवा या सत्कर्मों में सहयोग (गुरु दक्षिणा) अर्पित करें।
गुरु पूर्णिमा / व्यास पूर्णिमा Mantra
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परंब्रह्म...॥
Meaning
गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश हैं। गुरु साक्षात परब्रह्म हैं। ऐसे सदगुरु देव को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम।
How to chant
प्रातः ध्यान के समय आज्ञा चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए 11 या 108 बार जप करें।
