यह 10 September 2026 को Bhilai, Chhattisgarh के लिए गणना किया गया विस्तृत पंचांग है। इस दिन की प्रमुख तिथि Krishna Chaturdashi है। राहु काल और मुहूर्त सहित सभी शुभ-अशुभ समय 21.1938°, 81.3509° के भौगोलिक निर्देशांक के अनुसार सटीक रूप से निकाले गए हैं।

📿पंचांग

Bhilai का पंचांग — 10 September 2026

Bhilai, Chhattisgarh के लिए गणना की गई तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त।

तिथि चुनें
गुरुवार, 10 सितंबर 2026

📍आपका स्थान

Fixed City

Viewing Panchang calculated specifically for Bhilai.

शहरBhilai
अक्षांश21.1938°N
देशांतर81.3509°E

७ शुभ एवं अशुभ काल (मुहूर्त)

सूर्योदय के आधार पर शुभ और अशुभ समय की अवधि।

🧘
ब्रह्म मुहूर्तशुभ समय
ध्यान और अध्ययन के लिए शुभ
अभिजीत मुहूर्तशुभ समय
नए काम शुरू करने का सबसे अच्छा समय
🌅
गोधूलि मुहूर्तशुभ समय
यात्रा और विवाह के लिए शुभ
🏆
विजय मुहूर्तशुभ समय
कानूनी मामलों और विजय के लिए शुभ
🔄
गुलिक कालसामान्य
पुनरावृत्ति वाले कार्यों के लिए अच्छा
☠️
राहु कालराहु काल
महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचें
⚠️
यमघंट कालसावधान रहें
यात्रा और वित्तीय समझौतों से बचें
🕐

चौघड़िया

दिन और रात की आठ अवधियाँ, और प्रत्येक किस कार्य के लिए उपयुक्त है।

दिन05:50 – 18:12
  • शुभJupiter05:5007:23
  • रोगMars07:2308:55
  • उद्वेगSun08:5510:28
  • चरVenus10:2812:01
  • लाभMercury12:0113:34
  • अमृतMoon13:3415:07
  • कालSaturn15:0716:39
  • शुभJupiter16:3918:12
रात18:12 – 05:50
  • अमृतMoon18:1219:39
  • चरVenus19:3921:07
  • रोगMars21:0722:34
  • कालSaturn22:3400:01
  • लाभMercury00:0101:28
  • उद्वेगSun01:2802:56
  • शुभJupiter02:5604:23
  • अमृतMoon04:2305:50
🌌

वैदिक सौर एवं चंद्र चक्र

स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और तिथि के आधार पर दिन-रात का चक्र और चंद्र कला।

☀️ सूर्य मार्ग

🌙 चंद्र कला

🌘
कृष्ण पक्ष (घटता चांद)कृष्ण प्रतिपदा - तृतीया (घटता अर्धचंद्र)
🌅 Dinamana (Day): 12h 22m🌃 Ratrimana (Night): 11h 38m

इस दिन का पंचांग

चुनी गई तिथि के पांच वैदिक तत्व — पंचांग स्थिति के आधार पर।

गुरुवार, 10 सितंबर 2026
🌕

३० वैदिक तिथियां एवं प्राकृतिक ऊर्जाएं

सभी ३० चंद्र दिवसों (तिथियों) का अध्ययन करें, जिन्हें १५ दिन शुक्ल पक्ष (बढ़ता प्रकाश) और १५ दिन कृष्ण पक्ष (आत्मचिंतन) में विभाजित किया गया है, साथ ही उनके स्वामी देवता एवं वैदिक सलाह।

🌒
प्रतिपदादेवता: अग्नि

धार्मिक अनुष्ठानों, वास्तु पूजा और नए व्रतों के शुभारंभ के लिए उत्तम।

नंदा (आनंदप्रद)
🌒
द्वितीयादेवता: ब्रह्मा

नींव रखने, विवाह की तैयारियों और वित्तीय पहलों के लिए शुभ।

भद्रा (कल्याणकारी)
🌒
तृतीयादेवता: गौरी / कुबेर

कला, संगीत, सौंदर्य अनुष्ठानों और धन वृद्धि के लिए अत्यंत लाभदायक।

जया (विजयप्रद)
🌓
चतुर्थीदेवता: गणेश

भगवान गणेश को समर्पित। विघ्न निवारण, रणनीति बनाने और बाधाओं पर विजय के लिए उत्तम।

रिक्ता (रिक्ता/शक्तिशाली)
🌓
पंचमीदेवता: सरस्वती

शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक दीक्षा के लिए श्रेष्ठ।

पूर्णा (पूर्णताप्रद)
🌔
षष्ठीदेवता: कार्तिकेय

साहस, नेतृत्वकर्ताओं से भेंट, खेल और नई परियोजनाओं की शुरुआत के लिए अनुकूल।

नंदा (आनंदप्रद)
🌔
सप्तमीदेवता: सूर्य

भगवान सूर्य का आशीर्वाद। स्वास्थ्य, यात्रा, वाहन क्रय और नेतृत्व के लिए उत्तम।

भद्रा (कल्याणकारी)
🌔
अष्टमीदेवता: मां दुर्गा

मां दुर्गा को समर्पित। आध्यात्मिक साधना, व्रत और शक्ति संचय के लिए उत्तम।

जया (विजयप्रद)
🌔
नवमीदेवता: दुर्गा / श्री राम

मां दुर्गा एवं श्री राम की कृपा। प्रतियोगी प्रयासों और रणनीति के लिए उपयुक्त।

रिक्ता (शक्तिशाली)
🌔
दशमीदेवता: धर्मराज

पुण्य कर्मों, करियर वृद्धि और धर्मपरायण कार्यों के लिए शुभ।

पूर्णा (पूर्णताप्रद)
🌔
एकादशीदेवता: भगवान विष्णु

भगवान विष्णु का परम पवित्र व्रत दिवस। मन, शरीर और कर्मों का शोधन करता है।

नंदा (आनंदप्रद)
🌔
द्वादशीदेवता: भगवान विष्णु

दान, पवित्र स्नान, समाज सेवा और धार्मिक संकल्पों की पूर्ति के लिए अनुकूल।

भद्रा (कल्याणकारी)
🌔
त्रयोदशीदेवता: शिव / कामदेव

प्रदोष काल। मित्रता, संबंधों और भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ।

जया (विजयप्रद)
🌔
चतुर्दशीदेवता: भगवान शिव

पूर्णिमा पूर्व गहन साधना काल। मंत्र जाप, ध्यान और आत्म-नियंत्रण के लिए उत्तम।

रिक्ता (शक्तिशाली)
🌕
पूर्णिमादेवता: चंद्र देव / सत्यनारायण

पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र प्रकाश)। ध्यान, सत्यनारायण कथा और समृद्धि हेतु सर्वोच्च ऊर्जा।

पूर्णा (पूर्ण शिखर)

राहु काल और मुहूर्त — सामान्य प्रश्न (Bhilai)

10 September 2026 को Bhilai में राहु काल 13:34 से 15:07 तक रहता है। इसे अशुभ काल माना जाता है और इस अवधि में नया कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण संस्कार आरंभ करने से प्रायः बचा जाता है।

हाँ — 10 September 2026 को Bhilai में अभिजित मुहूर्त 11:36 से 12:26 तक है, जिसे दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है।

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है और वार के अनुसार एक भाग राहु को दिया जाता है। यह सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर होने के कारण प्रतिदिन और प्रत्येक स्थान पर बदलता है।