थै पोंगल
🗓️ सूर्य का मकर राशि में प्रवेश — थाई का पहला दिन (मध्य जनवरी)
The story behind थै पोंगल
थै पोंगल तमिलनाडु का फसल पर्व है, जो तमिल मास थै के प्रथम दिन मनाया जाता है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। यह सूर्य, वर्षा और खेतों में श्रम करने वाले पशुधन के प्रति कृतज्ञता है। इसका नाम ही क्रिया है: पोंगल अर्थात उफनना, और चावल तथा गुड़ को तब तक देखा जाता है जब तक पात्र उफन न जाए, जिसका स्वागत परिवार 'पोंगलो पोंगल' के उद्घोष से करता है। चार दिन भोगी, थै पोंगल, पशुओं के लिए मट्टु पोंगल, और स्वजन मिलन के कानुम पोंगल के रूप में चलते हैं।
थै पोंगल Puja Vidhi
- 1
भोगी व कोलम
पूर्व संध्या को जीर्ण वस्तुएँ त्यागकर घर स्वच्छ करें; प्रातः देहरी पर कोलम बनाएँ और चूल्हे का स्थान अंकित करें।
- 2
सूर्य पूजन व पोंगल
सूर्योदय पर पूर्वाभिमुख होकर खुले में सजे मिट्टी के पात्र में नया चावल, दूध और गुड़ पकाएँ, और उसे उफनने दें — यही सूर्य को अर्पण है।
- 3
नैवेद्य
किसी के भोजन से पूर्व केले के पत्ते पर पोंगल, गन्ना, पत्तों सहित हल्दी, केला और नारियल अर्पित करें।
- 4
मट्टु पोंगल
अगले दिन पशुओं को स्नान कराएँ, उनके सींग रंगें और माला पहनाएँ, तथा पोंगल का प्रथम भाग उन्हें खिलाएँ।
थै पोंगल Mantra
ॐ सूर्याय नमः॥
Meaning
सूर्य देव को नमस्कार, जिनकी उत्तरायण गति से थै मास आरंभ होता है।
How to chant
उगते सूर्य को पोंगल अर्पित करते समय पूर्वाभिमुख होकर जप करें।
