महाशिवरात्रि
🗓️ फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (फ़रवरी–मार्च)
The story behind महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के दिव्य मिलन की महारात्रि है। इस रात ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि मानव शरीर में ऊर्जा का स्वाभाविक उर्ध्वगामी प्रवाह होता है, जिससे यह ध्यान और साधना के लिए वर्ष की सर्वश्रेष्ठ रात्रि मानी जाती है।
महाशिवरात्रि Puja Vidhi
- 1
व्रत संकल्प
प्रातः स्नान के पश्चात दिन भर उपवास और शिव स्मरण का संकल्प लें।
- 2
शिवलिंग रुद्राभिषेक
शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद व घी (पंचामृत) तथा गंगा जल से अभिषेक करें।
- 3
बिल्व पत्र अर्पण
चंदन लगाकर त्रिफल बिल्व पत्र (बेलपत्र) अर्पित करें, जो त्रिगुणों के निग्रह का प्रतीक है।
- 4
रात्रि जागरण
रात्रि के चारों प्रहरों में जागकर शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप और ध्यान करें।
महाशिवरात्रि Mantra
ॐ नमः शिवाय॥ ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्...॥
Meaning
कल्याणकारी भगवान शिव को नमस्कार। हम त्रिनेत्रधारी भगवान शंकर की पूजा करते हैं जो जीवन को सुगन्ध और पुष्टि देते हैं।
How to chant
रात्रि जागरण के समय प्रत्येक प्रहर में 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
