गंगा दशहरा
🗓️ Jyeshtha Shukla Dashami (May–Jun)
The story behind गंगा दशहरा
गंगा दशहरा राजा भगीरथ की तपस्या से माँ गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण का पावन उत्सव है। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला यह पर्व दस प्रकार के पापों के नाश का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु गंगा या किसी भी बहते जल में स्नान कर सूर्योदय के समय पूजा-अर्चना करते हैं और दान-पुण्य करते हैं।
गंगा दशहरा Puja Vidhi
- 1
प्रातः स्नान
सूर्योदय से पूर्व गंगा नदी में या घर पर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
- 2
गंगा पूजन
बहते जल की ओर मुख करके माँ गंगा को पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
- 3
दस वस्तुओं का दान
फल, अनाज या वस्त्र जैसी दस वस्तुओं का दान करें, जो इस पर्व की विशेष परंपरा है।
- 4
सूर्य अर्घ्य
गंगा पूजन के पश्चात उगते सूर्य को जल अर्पित करें।
गंगा दशहरा Mantra
ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः॥
Meaning
विश्वरूपिणी एवं नारायणी माँ गंगा को बारंबार प्रणाम।
How to chant
जल या पुष्प अर्पित करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके जप करें।
