दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी)
🗓️ Ashwin Shukla Ashtami (Sep–Oct)
The story behind दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी)
शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि माँ दुर्गा के सबसे उग्र स्वरूप की आराधना का दिन है। कई परंपराओं में अष्टमी और नवमी के संधिकाल में संधि पूजा की जाती है, जो चण्ड-मुण्ड राक्षसों के वध का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन कन्या पूजन कर छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर भोजन व उपहार दिए जाते हैं।
दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) Puja Vidhi
- 1
कलश एवं देवी पूजन
स्थापित कलश व दुर्गा प्रतिमा का पुष्प, अक्षत व दीप से पूजन करें।
- 2
कन्या पूजन
छोटी कन्याओं के पैर धोकर उन्हें भोजन, उपहार व सम्मान अर्पित करें।
- 3
संधि पूजा
अष्टमी-नवमी के संधिकाल में 108 कमल या गुड़हल के पुष्प और 108 बत्तियों का दीप अर्पित करें।
- 4
आरती एवं नैवेद्य
दीप जलाकर आरती करें और देवी को फल, मिष्ठान्न या भोग अर्पित करें।
दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) Mantra
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
Meaning
नकारात्मकता का नाश करने वाली माँ चामुण्डा को नमस्कार — नवार्ण मंत्र का अंश।
How to chant
देवी पूजन या संधि पूजा के समय रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें।
