Pimpri-Chinchwad में आज का चौघड़िया
Pimpri-Chinchwad, Maharashtra के लिए आज का चौघड़िया — सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन के आठों और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक रात के आठों चौघड़िया। प्रत्येक अवधि 18.6298°, 73.7997° पर Pimpri-Chinchwad के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाली गई है, इसलिए यह समय किसी सामान्य क्षेत्रीय अनुमान से नहीं, बल्कि इसी नगर के लिए यथार्थ है।
चौघड़िया
दिन और रात की आठ अवधियाँ, और प्रत्येक किस कार्य के लिए उपयुक्त है।
- उद्वेगSun06:20 – 07:54अशुभ समय
- चरVenus07:54 – 09:27सामान्य
- लाभMercury09:27 – 11:00शुभ समय
- अमृतMoon11:00 – 12:33शुभ समय
- कालSaturn12:33 – 14:06अशुभ समय
- शुभJupiter14:06 – 15:39शुभ समय
- रोगMars15:39 – 17:12अशुभ समय
- उद्वेगSun17:12 – 18:45अशुभ समय
- शुभJupiter18:45 – 20:12शुभ समय
- अमृतMoon20:12 – 21:39शुभ समय
- चरVenus21:39 – 23:06सामान्य
- रोगMars23:06 – 00:33अशुभ समय
- कालSaturn00:33 – 02:00अशुभ समय
- लाभMercury02:00 – 03:27शुभ समय
- उद्वेगSun03:27 – 04:54अशुभ समय
- शुभJupiter04:54 – 06:21शुभ समय
चौघड़िया — सामान्य प्रश्न (Pimpri-Chinchwad)
इसी पृष्ठ पर Pimpri-Chinchwad के लिए आज के दिन और रात दोनों के आठ-आठ चौघड़िया दिए गए हैं। समय Pimpri-Chinchwad के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला जाता है, इसलिए यह किसी सामान्य क्षेत्रीय अनुमान से नहीं, बल्कि इसी नगर के लिए यथार्थ है।
अमृत (Amrit), शुभ (Shubh) और लाभ (Labh) शुभ माने जाते हैं — अमृत सर्वश्रेष्ठ। चर (Char) तटस्थ है: यात्रा और आवागमन के लिए उपयुक्त, पर नए कार्य के आरंभ के लिए नहीं। उद्वेग, काल और रोग अशुभ माने जाते हैं।
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक को भी आठ भागों में बाँटा जाता है। दिन का पहला चौघड़िया उस वार के स्वामी ग्रह का होता है — रविवार को उद्वेग (सूर्य), सोमवार को अमृत (चंद्र), इत्यादि — और आगे क्रम से चलता है।
दोनों दिन को आठ भागों में बाँटते हैं, पर ये अलग-अलग पद्धतियाँ हैं और इनका उद्देश्य भिन्न है। इसीलिए कभी-कभी दोनों एक ही अवधि की ओर संकेत करते हैं — उदाहरणतः किसी दिन राहु काल ठीक उसी समय पड़ सकता है जिसे चौघड़िया में शुभ कहा गया हो। काला दोनों अलग-अलग दिखाता है और इनमें समन्वय नहीं करता; परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण कार्यों में राहु काल का त्याग किया जाता है।
